Posted by Nand Kishor Sharma

मोटा अनाज जैसे की मक्का, बाजरा, ज्वार और दुधारू पशुओ को खिलने वाले फसलो को ड्रिप इरीगेशन या बून्द बून्द सिचाई के माध्यम से भी कर सकते है. इस तरह की खेती कर के आप पानी तो बचा ही सकते हो बल्कि उवर्रक को सीधे जड़ो तक पहुँचाकर अधिक उपज ले सकते है. आने वाले समय में होने वाली पानी की समस्या से निजात पाने के लिए यह तकनीक बहुत कारगर और उपयोगी है. किसान भाइयो से अनुरोध है की इस तरह की एडवांस तकनीको का इस्तेमाल करे और अधिक फायदा ले. अधिकतर यह देखा गया है की किसान भाइयो को शुरू में इस तकनीक में कुछ पैसे लगाने में दिक्कत होती है लेकिन एक बार ड्रिप इरीगेशन सेट लगने के बाद आप इसका उपयोग 5 - 7 सालो तक कर सकते है. आइये हम आपको बताते है की ड्रिप इरीगेशन के माध्यम से आप मोटे अनाजो के साथ साथ दलहनी फसलो को कैसे इस तकनीक से करे.

स्टेप 1 - अपने खेत को अच्छे तरीके से खाद वगरह डाल के तैयार कर ले.
स्टेप 2 - अब आप हर 1 / 2 मीटर पर बेड़ बना ले.

Bed preparation fro drip irrigation

स्टेप 3 - ड्रिप की नलकियों को हर एक बेड़ पे बिछाए.

Drip tube spread
स्टेप 4 - अब हर 1 फ़ीट या फसल के अनुसार बीज को हाथो से बेड़ के बीच में बोये.
स्टेप 5 - बीज बोने के बाद ड्रिप मशीन को चालू कर बून्द बून्द पानी दे लगभग उतना की बीज अच्छे से भीग जाये.
स्टेप 6 - अब आप हार्वेस्टिंग तक अपनी फसल का ध्यान रखे.

drip irrigation millets

drip irrigation corn india

स्टेप 7 - हार्वेस्टिंग या कटाई के समय ड्रिप नलकियों को अलग कर ले और अगली फसल में काम में ले.

धन्यवाद् !! टीम फारमर्स स्टॉप